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स्वाइन फ्लू और डेंगू से महिला की मौत, दहशत में इलाके के लोग

स्वाइन फ्लू और डेंगूलखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू और डेंगू से पीड़ित मरीज की मौत हो गई है। एक महिला प्रसव के लिए क्वीनमेरी अस्पताल आई थी, जहां लगभग एक माह तक उसका इलाज चला और दोनों की पुष्टि होने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट कर दिया गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक डेंगू से यह पहली और स्वाइन फ्लू से राजधानी में नौवीं मौत है।

मोहनलालगंज सीएचसी से 13 जुलाई को एक गर्भवती को गंभीर हालत में क्वीनमेरी अस्पताल रेफर किया गया था, जिसके बाद महिला में स्वाइन फ्लू और डेंगू दोनों की पुष्टि हुई थी। महिला ने एक नवजात को जन्म दिया जो स्वस्थ्य है। वहीं महिला को हृदय संबंधित बीमारी भी थी, जिसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। लंबे इलाज के बाद महिला ने बुधवार को दम तोड़ दिया।

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राजधानी में डेंगू का यह पहला मामला है, हालांकि इससे पहले भी दो मामले आए थे, लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई थी। गुरुवार को 83 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 209 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं, वहीं 31 विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। 372 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है। सीएमओ ने मोहनलालगंज जाकर स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक किया। राजधानी के वार्ड नंबर 92 का निरीक्षण किया गया और 12 जगहों पर लोगों को नोटिस दी गई।

स्वाइन फ्लू के मामलों में जहां बढ़ोतरी हो रही है, वहीं अस्पतालों में कर्मचारियों के वैक्सीनेशन में कोताही बरती जा रही है, जिसका नतीजा यह है कि लोहिया, बलरामपुर और सिविल अस्पताल में भी कर्मचारी और डॉक्टर स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं।

राजधानी के अस्पतालों में इंफ्लूएंजा वैक्सीन की स्थिति ठीक नहीं है। वैक्सीन नहीं आने की वजह से अस्पताल प्रशासन को एलपी करवाकर वैक्सीन मंगवानी पड़ रही है, जिसकी वजह से कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ का आधा अधूरा वैक्सीनेशन किया गया है। बलरामपुर अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों को देखने वाले कई किया गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन लगातार वैक्सीन लगवाने का दावा कर रहा है।

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लोहिया, बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड की ड्यूटी में लगाये गये पैरामेडिकल स्टाफ को भी पूरा वैक्सीनेशन नहीं करवाया गया है। लोकबंधु अस्पताल में भी सात में दो नर्सो का ही वैक्सीनेशन हुआ है। बलरामपुर अस्पताल में नाइट ड्यूटी करने वाले कई कर्मचारियों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पताल में भी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। वहीं सिविल में भी कई ईएमओ डॉक्टर का भी वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है।

काउंटर के कर्मचारियों का भी वैक्सीनेशन नहीं

सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। यहां बैठने वाले कर्मचारियों का भी वैक्सीनेशन नहीं हुआ। बलरामपुर में एक मैट्रन भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई है। बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ.राजीव लोचन के मुताबिक हमारे यहां 20 इंफ्लूएंजा वैक्सीन मंगवाई गई है। और मंगाई जा रही है। कर्मचारियों को लगातार वैक्सीनेशन करवाया जा रहा है। लोकबंधु अस्पताल के सीएमएस डॉ.सुरेश कुमार चौहान ने बताया कि जितने कर्मचारियों का वैक्सीनेशन नवंबर माह में हुआ है उनकी ही ड्यूटी स्वाइन फ्लू र्वाड में लगाई गई है। वहीं सिविल अस्पताल के डॉ. हिम्मत सिंह दानू के मुताबिक हमारे यहां पैरामेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन तीन माह पहले किया जा चुका है।