Tuesday , July 23 2019

‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ ने पकड़ी रफ्तार, जानें बॉक्स ऑफिस पर 5 दिन की कमाई

‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ बॉक्स ऑफिस पर धीरे-धीरे अपने लिपस्टिक का रंग जमाती हुई नजर आ रही है। फिल्म रिलीज होने से लेकर और अब तक में काफी विवाद हो चुके हैं। फिल्म ने अपनी रिलीज के लिए काफी लंबी लड़ाई लड़ी है। सेंसर बोर्ड से लड़ाई करने के बाद फिल्म ने आखिरकार सर्टिफिकेट हासिल किया और सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

अलंकृता श्रीवास्तव की लिपस्टिक अंडर माय बुर्का ने ओपनिंग डे पर रिकॉर्ड के साथ शुरुआत के पहले ही दिन सिर्फ 400 स्क्रीन मिलने के बावजूद भी फिल्म 1 करोड़ से ऊपर की कमाई करने में कामयाब रही। दूसरे दिन भी फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली और इसने 2.17 करोड़ रुपए की रमाई की। अगर दो दिनों के कलेकेशन की बात करें तो फिल्म ने पहले दिन 1.22 करोड़ रुपए कमाए और दूसरे दिन 2.17 करोड़। जिसके साथ ही इसका कुल कलेक्शन 3.39 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म के द्वारा इतनी कमाई करने का शायद ही किसी को अंदाजा रहा होगा।

आपको बता दें कि श्रद्धा कपूर और कल्कि कोचलीन जैसे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की हैं। यह छोटे शहर की रहने वाली चार महिलाओं की कहानी है। अपनी कमाई के साथ ही यह भारतीय इतिहास में छोटे फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड जीतने के बाद इतनी ज्यादा कमाई करने वाली पहली फिल्म बन गई है। फिल्म की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें कोंकणा सेन शर्मा, रत्ना पाठक शाह, प्लाबिता बोरथाकुर और आहाना कुमरा लीड रोल में हैं।

‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ “लिपस्टिक अंडर माय बुर्का” कोई मसाला फिल्म नहीं है इस फिल्म में आपको कॉमेडी, फूहड़ जोक्स या आइटम सॉन्ग देखने को नहीं मिलेंगे इसलिए सिनेप्रेमियों का शायद एक ये खास तरह का तड़का पसंद ना आए। साथ ही फिल्म को एडल्ट सर्टिफिकेट मिला है। जिसकी वजह से सभी लोग इस फिल्म को नहीं देख सकते।

फिल्म के सभी किरदारों ने अच्छा काम किया है. रत्ना पाठक शाह की बेहतरीन एक्टिंग, कोंकणा सेन शर्मा ने भी दिखा दिया वो भी अच्छी एक्टिंग कर सकती है। आहाना कुमरा का बोल्ड अंदाज और प्लाबिता की बेहतरीन एक्टिंग काबिल-ए-तारीफ है। वहीं इनके अपोजिट सुशांत सिंह, विक्रांत मास्सी, शशांक अरोड़ा जैसे एक्टर्स ने बहुत ही अच्छा काम किया है। फिल्म में किरदारों की बेहतरीन परफॉर्मेन्स कमाल की है, जो आपको हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करती हैं। फिल्म में समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे रूढ़िवादी व्यवहार को दिखाया गया. जैसे कि महिलाएं काम ना करें, वो सिर्फ बच्चे ही पालें, पर्दे में रहें।