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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, क्लास 8 तक बच्चों को फेल नहीं करने की नीति होगी खत्म

मोदी सरकारनई दिल्ली। आठवीं क्लास तक स्टूडेंट्स को फेल नहीं करने की नो-डिटेंशन पॉलिसी (no-detention policy) को नरेंद्र मोदी सरकार खत्म करने जा रही है। पीएम मोदी की अगुआई में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इससे जुड़े प्रपोजल को मंजूरी दे दी गई।

पांचवीं और आठवीं के सालाना एग्जाम में स्टूडेंट के फेल होने पर उसे इसी क्लास में रखने का अधिकार राज्यों को देने के लिए बच्चों का नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार संशोधन विधेयक (Right of Children for Free and Compulsory Education Amendment Bill) में प्रोविजन किया जाएगा। यह अमेंडमेंट बिल अब संसद में पेश किया जाएगा।

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खबरों के मुताबिक बच्चों को उसी क्लास में रखने से पहले उसे परीक्षा के जरिये इम्प्रूवमेंट का एक मौका जरूर दिया जाएगा। राइट टू एजुकेशन कानून के मौजूदा प्रोविजंस के तहत आठवीं तक बच्चा हर साल खुद ही अगली क्लास में प्रमोट हो जाता है। RTE एक्ट का ये एक प्रमुख हिस्सा था, जो 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ था। सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड से जुड़ी एक सब कमेटी ने सरकार से 8वीं क्लास तक फेल नहीं करने की नीति को रिव्यू करने की सिफारिश की थी।

अभी ये है पॉलिसी?

नो-डिटेंशन पॉलिसी के तहत स्कूल आने वाले किसी बच्चे को फेल न करने का प्रोविजन है। इसके साथ ही ये भी सिस्टम है कि प्राइमरी एजुकेशन पूरी होने तक बच्चे को स्कूल से निकाला न जाए। ज्यादा से ज्यादा बच्चों की प्राइमरी एजुकेशन पूरी हो और वह एग्जाम के मेंटल प्रेशर से मुक्त हो।