Saturday , November 16 2019

पूर्वोत्तर में पैदा कीं 15000 नौकरियां, मिला अवार्ड

नौकरियां
नौकरियां

निशूट दुओलो को ‘सोशल इंटरप्रेन्योर ऑफ दि इयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान श्वाब फाउंडेशन फॉर सोशल इंटरप्रेन्योरशिप की ओर से दिया गया। बता दें यह संस्था जुबलेन्ट भारतीय फाउंडेशन के साथ पार्टनरशिप में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ काम करती है।

अवॉर्ड जीतने वाले निशूट दुओलो, नागालेंड के बैप्टिस्ट कॉलेज में इकोनॉमिक्स के लेक्चरर रह चुके हैं। साल 2000 में अपनी सुरक्षित नौकरी को छोड़कर, दुओलो ने इंटरप्रेन्योर्स असोसिएट्स (EA) की शुरुआत की। इसके तहत उन्होंने उग्रवाद प्रभावित नागालैंड के युवाओं को बेसिक स्किल्स की ट्रेनिंग दी, साथ ही छोटे धंधे शुरू करने के लिए उन्हें आर्थिक मदद और मार्केटिंग नेटवर्क भी उपलब्ध करवाया।

1992 के बाद से यह उनका दूसरा प्रयास रहा। 1992 में उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने के लिए ‘बीकन ऑफ होप’ नाम की संस्था बनाई थी। हालांकि, दुओलो का प्रयास सफल नहीं रहा और वह पढ़ाने की नौकरी करने लगे।

दुओलो ने कहा, “जब हमने शुरुआत की थी, हम 13 लोग थे जिन्होंने 500 रुपए और एक दिन की पगार शुरुआती राशि के लिए दान की। इस तरह हमने 7,500 रुपये की प्रारंभिक पूजी के साथ अपने सफर की शुरुआत की। हमने ग्रीटिंग कार्ड्स बनाने के काम से शरू किया, लेदर बेल्ट और बैग बेचे, जिसकी मदद से हमें कुछ लाख रुपए मिले।”

उन्होंने कहा कि एक अच्छी शुरुआत के बाद, इंटरप्रेन्योर्स असोसिएट्स ने लोगों से संस्था में निवेश के लिए दान लेने का प्रयास किया। धीरे-धीरे निवेश बढ़ा और आज, इंटरप्रेन्योर्स असोसिएट्स युवाओं को अपना छोटा व्यापार शुरू करने के लिए 16 फीसदी ब्याज पर ऋण देता है और अब तक 10,000 लोग उनसे लोन ले चुके हैं।

ज्ञात हो कि तीन साल पहले पड़ोसी राज्य मणिपुर में भी अपनी सेवाएं फैलाने वाली इस संस्था को आरबीआई से भी मान्यता मिल चुकी है। संस्था के माध्यम से लोगों को 150 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है जिसकी बैंकों ने 100 फीसदी रिकवरी भी की है।

दुओलो ने कहा, “शुरुआत में लोगों को प्रेरित करना काफी चुनौतीपूर्ण था। हम नागालैंड में 15000 नौकरियां पैदा कर पाए हैं, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से।” वर्तमान में, 2700 उद्योग सफलतापूर्वक चल रहे हैं और 3500 से ज्यादा किसान इंटरप्रेन्योर्स असोसिएट्स की मदद से स्थाई रूप से रोजी रोटी कमा रहे हैं। दुओलो ने बताया कि उनकी संस्था को अब अरुणाचल प्रदेश और असम में भी ट्रेनिंग देने के लिए बुलाया गया है।