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देश की अर्थव्यवस्था पर पीएम मोदी का खतरनाक वार, लगाई कैश पर पाबंदी

pm-modi-7592नई दिल्ली: कालेधन पर अंकुश लगाने के मोदी सरकार के एक और कदम के तहत अब तीन लाख रुपये से अधिक का नकद स्वीकार करने वालों को भारी जुर्माना देना पड़ेगा. सरकार इसकी शुरुआत एक अप्रैल से करेगी आपको बता दें की सरकार के  बजट 2017-18 में तीन लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगाने का प्रस्ताव है.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने एक इंटरव्यू में कहा कि नकद लेनदेन पर अब भारी जुर्माना लगेगा. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जितनी राशि नकद में स्वीकार करेगा उसे उसके बराबर ही जुर्माना देना होगा.

राजस्व सचिव ने ये बात एक उदाहरण के रूप में समझाई उन्होंने कहा कि यदि आप चार लाख रुपये नकद स्वीकार करते हैं तो आपको चार लाख रुपये का ही जुर्माना देना अधिया ने कहा कि यह जुर्माना उस व्यक्ति पर लगेगा जो नकद स्वीकार करेगा।

अधिया ने कहा कि यदि आप कोई महंगी घड़ी खरीदते हैं तो दुकानदार को उस पर टैक्स का भुगतान करना होगा सरकार का यह प्रावधान लोगों को बड़ी राशि के नकद लेनदेन से रोकने के लिए लाया गया है नोटबंदी के बाद खातों में काला धन आया है सरकार भविष्य में फिर से काला धन एकत्र न हो इसके लिए ऐसा कदम उठा रही है।

अधिया ने कहा कि सरकार सभी बड़े नकद लेनदेन पर निगाह रखेगी एवं नकदी के जरिये संदिग्ध उपभोग के रास्तों को भी रोकेगी.

अधिया के अनुसार जिन लोगों के पास भारी मात्रा में बेहिसाबी धन है वे उसका इस्तेमाल छुट्टियों बिताने या लग्जरी उत्पाद मसलन कारें, घड़िया या आभूषण खरीदने पर करते हैं नकदी पर नए अंकुशों का मतलब है कि इस तरह के खर्च के रास्तों पर रोक लगेगी इससे लोग कालेधन का सृजन करने से बचेंगे अधिया ने कहा कि पूर्व में अधिसूचित दो लाख रूपए से अधिक के लेनदेन के लिए पैन नंबर देना कायम है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने 2017-18 के बजट में आयकर कानून में धारा 269एसटी जोड़ने का प्रस्ताव किया है इसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति एक दिन में किसी एक व्यक्ति से एकल लेनदेन या किसी एक मामले अथवा मौके पर तीन लाख रच्च्पये से अधिक की नकदी स्वीकार नहीं करेगा हालांकि ये नियम  सरकार, बैंकिंग कंपनी, डाकघर बचत खातों या सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगा।

नोटबंदी के बाद बनी मुख्यमंत्रियों की समिति के अध्यक्ष आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में एक सीमा से अधिक नकद लेनदेन पर रोक लगाने तथा 50,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर कर लगाने की सिफारिश की है।