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जिनके हर नगमें से गुल-ए-‘गुलजार’ है भारतीय सिनेमा

गुलज़ारनई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के लिविंग लीजेंड और पद्मभूषण से सम्मानित गीतकार गुलज़ार का आज 81वां जन्मदिन है। मुशायरों और महफ़िलों से मिली शोहरत ने कभी मोटर मैकेनिक का काम करने वाले गुलज़ार को फ़िल्म जगत का एक अज़ीम शायर और गीतकार बना दिया।

वैसे तो गुलज़ार की पहचान प्रसिद्ध गीतकार के रूप में है लेकिन उन्होंने पटकथा लेखन, फिल्म निर्देशन, नाट्यकला, कविता लेखन में भी महारत हासिल है। उन्होंने मानवीय रिश्तों के इर्दगिर्द घूमती कई खूबसूरत फिल्मों को निर्देशित किया है जिसमें से ज्यादातर हिट रही हैं।

खाली समय में लिखते थे कविताएं

संपूर्ण सिंह कालरा उर्फ़ गुलज़ार का जन्म 18 अगस्त 1936 में दीना, झेलम जिला, पंजाब में हुआ था जो कि अब पाकिस्तान में मौजूद है। देश के विभाजन के वक्त इनका परिवार पंजाब के अमृतसर में आकर बस गया। वहीं से शुरू हुआ गुलज़ार साहब के मुंबई आने का सफर। मुंबई आकर उन्होंने एक गैरेज में बतौर मैकेनिक का काम करना शुरू कर दिया। वह खाली समय में शौकिया तौर पर कविताएं लिखने लगे। इसके बाद उन्होंने गैरेज का काम छोड़ हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक बिमल राय, हृषिकेश मुख़र्जी और हेमंत कुमार के सहायक के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

‘बंदिनी’ से शुरू हुआ हिंदी सिनेमा में सफर

हिंदी सिनेमा में बतौर गीत लेखक गुलजार का करियर एस डी बर्मन की फिल्म ‘बंदिनी’ से शुरू हुआ। साल 1968 में उन्होंने फिल्म आशीर्वाद का संवाद लिखा। इसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों के गानों के बोल लिखे जिसके जरिये उन्होंने हमेशा आलोचकों और दर्शकों की तारीफें बटोरी।

‘जय हो’ गीत के लिए मिला ऑस्कर अवार्ड

ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाले गाने जय हो के अलावा गुलज़ार ने कई सुपर हिट गाने लिखे हैं। ‘तेरे बिना ज़िंदगी’, ‘आने वाला पल’, ‘मेरा कुछ सामान’, ‘तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी’ सरीखे दर्जनों सुपरहिट गीत उनकी कलम से निकले। गुलज़ार ने ‘कोशिश’, ‘परिचय’, ‘आंधी’, ‘किनारा’, ‘माचिस’ जैसी चुनिंदा फ़िल्मों का निर्देशन भी किया है। उन्होंने बड़े पर्दे के अलावा छोटे पर्दे के लिए भी काफी कुछ लिखा है, जिसमें दूरदर्शन का शो ‘जंगल बुक’ भी शामिल है।

जमाने के साथ चलते गुलज़ार

बदलते वक्त की खुरदरी जमाने पर भी गुलज़ार बड़ी आसानी से अपनी कलम घुमाते रहे। मौजूदा दौर में संगीत लगातार शोर में बदलता रहा और गुलज़ार की कलम मॉर्डन शब्दों को दिलकश गीतों में पिरोती रही। उनकी खूबसूरत नज्मेंर आज भी लोगों को बेहद सुहावनी लगती हैं।