Thursday , February 22 2018

उत्तर प्रदेश बोर्ड प्राइवेट स्कूलों को सेंटर बनाने की तैयारी में

उत्तर प्रदेश बोर्ड

उत्तर प्रदेश बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के केंद्र बनाने के लिए इस बार भी प्राइवेट स्कूलों को वरीयता दी जा रही है। उधर, बोर्ड ने इस बार निर्देश जारी किया है कि पहले सभी राजकीय और इससे जुड़े कॉलेजों को केंद्र बनाया जाए, उसके बाद निजी स्कूलों का चयन हो।

इसके बावजूद निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन को जिन 151 प्रस्तावित केंद्रों की सूची भेजी गई है, उसमें 48 निजी स्कूल हैं। इस सूची में शामिल सभी स्कूल पिछले साल वाले ही हैं। अब 3 नवंबर को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की बैठक में लिस्ट फाइनल की जाएगी।

छूटेंगे लगभग 30 राजकीय और इससे जुड़े स्कूल

पिछले साल 15 राजकीय और 90 इससे संबंधित कॉलेजों को केंद्र बनाया गया था। इस बार यही लिस्ट भेजी गई है। अब नए खुले स्कूलों को मिलाकर राजकीय 30 और संबंधित स्कूल 107 हो गए हैं। ऐसे में 30 से अधिक राजकीय और संबंधित कॉलेज इस बार भी केंद्र बनने की प्रक्रिया से बाहर हैं। हालांकि, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी केंद्र निर्धारित नहीं हुए हैं। कुछ राजकीय और इससे संबंधित कॉलेजों में संसाधनों की कमी है, इसलिए उन्हें केंद्र नहीं बना सकते।

पुराने केंद्रों को मिलेगी वरीयता

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बोर्ड की नीति ही पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। एक ओर राजकीय व संबंधित कॉलेजों को पहले केंद्र बनाने के बाद ही निजी कॉलेजों को केंद्र बनाने के लिए कहा गया है, वहीं यह भी कहा गया है कि पुराने केंद्रों को वरीयता दी जाए। जिनकी छवि साफ है, उन्हें इस बार भी केंद्र बनाएं। ऐसे में साफ छवि वाले जो निजी कॉलेज पिछली बार केंद्र बने थे, उन्हें इस बार भी शामिल करना होगा।